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Vaidya Gopaldas Mehta



वैध गोपाल्दास मेह्ता का जन्म 5 जुलाई 1954 को भोपाल के सुमान धन्य वैध पण्डित उद्धवदास जी मेह्ता के यहां हुआ । आप ने बचपन से ही अपने पिता के चिकित्सालय में आयुर्वेद को सीखा । उन्होंने बी.ए. और एम.ए. की डिग्री के साथ ही आयुर्वेद रत्न की परिक्षा पास की । चिकित्शास्त्रो सभी का संगोपांग शास्त्रोक्त अद्ध्यन किया । पेत्त्रिक मेह्ता आयुर्वेदिक रसायन शाला में 10 वर्षों से रोगियों का परीक्षण एंव निदान करते आ रहे हैं ।



-रोग-



शशोथ, संधिवात, मोतिझरा, श्वास, कास, जीर्ण्प्रतिक्षाध, शिर:शूल जैसे कई असाध्य रोगों पर शोध तथा सिधहस्तता की दिशा से जङीबूटियो के प्रयोग पर शोध किया ।


-आयुर्वेद की गतिविधियाँ-



मेह्ता अनेक सामाजिक संगठनो में सक्रिये हैं । विश्व आयुर्वेद परिषद म.प्र. के प्रान्त अध्यक्ष हैं । आयुर्वेद महासम्मेलन भोपाल इकाई महामंत्री हैं । आप पिछले 21 वर्ष से धनवंत्री जयंती का आयोजन कर रहे हैं । मध्य प्रदेश के लगभग 200 चिकित्सकों को सम्मानित कर चुके हैं । आप के पिता के नाम पर ट्रस्ट द्वारा एक आल इंडिया निबंध प्रतियोगिता का आयोजन आयुर्वेद के पी.जी. छात्रों के लिए कर रहे हैं । इस निबंध प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल 11000/-, सिल्वर मेडल 7000/-, कांस्य मेडल 5000/- प्रतिवर्ष विधार्तियो को दिया जाता हैं । आप ने उनके मेडिकल कैंप लगाए हैं । आप ने विभिन्न पत्र-पत्रिकाओ में शोध परख लेख लिखे हैं । रेडियों और दूरदर्शन पर भी आप की वार्ता प्रासारित होती रही हैं ।


-सामाजिक-



शहर की विभिन्न सामाजिक गतिविधियो में आप सक्रिय हैं । चेम्बर आफं कामर्स, हिंदू उत्सव समिति, गणेश उत्सव एंव व्यापारी दुर्गा उत्सव समितियों, टी.टी. नगर दशहरा उत्सव समिति एंव सहस्त्र औदीच्य समाज, सहित अनेक सामाजिक संगठन में आप सक्रिय हैं । पांचवा विश्व आयुर्वेद सम्मेलन जो कि भोपाल में हुआ था उस के प्रदेश सन्योजक भी आप रहे अनेक संगेष्ठियो तथा सेमिनारों में सक्रिय भागीदारी रही ।



-पुरस्कार-



श्री मेह्ता के पिता स्व.उद्दवदास जी की जन्म शताब्दी मध्य प्रदेश शासन ने मनाई । समापन कार्यक्रम में मुख्य्मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने उन के नाम पर 1 लाख रुपए की पुरस्कार की घोष्णा की ।